EPAC
Foundation
IC Environment Protection and Anti-Corruption Foundation
मेरे प्यारे देशवासियों, जैसे कि आप देख ही रहे हैं, मई का महीना ख़त्म होने जा रहा है और गर्मी इतनी ज़्यादा हो चुकी है जिसकी कोई सीमा नहीं है। कुछ राज्यों में तापमान 50 डिग्री से ज़्यादा पहुँच चुका है। इस समय मैं देवभूमि हिमाचल में हूँ और अपनी संस्था के लोगों के साथ जंगलों का निरीक्षण कर रहा हूँ।
मैं आपका ध्यान प्रकृति की तरफ़ आकर्षित करना चाहता हूँ और यह बताना चाहता हूँ कि हम इस तापमान को कम कर सकते हैं, अगर हम ज़्यादा से ज़्यादा पेड़-पौधे लगाते हैं। इंसान इतना मतलबी हो चुका है कि वह जिस जगह पर रहता है, उस छोटी सी जगह को ही सिर्फ़ अपना मानता है।
अगर हम पेड़-पौधों का रोपण नहीं करेंगे तो आने वाले समय में पानी की समस्या और ज़्यादा बढ़ जाएगी। जल के बिना जीवन सम्भव नहीं है — यह जानने के बाद भी हम लोग पेड़-पौधों का रोपण नहीं करते हैं।
हर साल जंगलों में आग लगती है, लेकिन उसको बुझाने के लिये कोई नहीं आता; जनता सरकार पर निर्भर रहती है। लाखों पेड़-पौधे जल जाते हैं और न जाने कितनी जीव हत्या होती है। एक पेड़ को तैयार होने में कम से कम 15 से 20 साल का समय लग जाता है।
अगर यही आग हमारे सेब के बाग़ीचे में लग जाये तो हम आधी रात को भी इसको बुझा देते हैं, और अगर यही आग जंगलों में लगती है तो कोई बुझाने के लिये नहीं आता। इसके पीछे का कारण सिर्फ़ यही है कि इंसान उस ज़मीन के टुकड़े को ही अपना मानता है जिस पर वह रहता है — और यह एक कड़वी सच्चाई है।
हिमाचल प्रदेश की आबादी 70 लाख से ज़्यादा है। एक व्यक्ति जिसके पास अपनी 20 फीट जगह है, अगर वह आज सिर्फ़ एक पेड़ लगाता है, तो सीधे 70 लाख पेड़ उगेंगे। अगली गर्मियों में तापमान 25 डिग्री होगा, बारिश ज़्यादा होगी और पीने के पानी के प्राकृतिक स्रोत भी फिर से चालू होंगे।
केक, कपड़े और बाइक पर हज़ारों खर्च होते हैं। लेकिन आज थोड़ा सोचिये — अगर कहीं से हम एक पौधा ले आते हैं और उसे लगाते हैं, तो वह अगली पीढ़ी के लिये एक सकारात्मक पहल होगी। *मिशन ग्रीन हिमाचल प्रदेश* के सच्चे सिपाही हैं तो कम से कम एक पौधा ज़रूर लगाएं — मंदिर प्रांगण में, सार्वजनिक जगह पर — और उस पौधे को बड़ा पेड़ बनाने में अपना सहयोग दें।
पेड़ लगाओ, सृष्टि बचाओ। 5 जून को पर्यावरण दिवस है और इस बात को भूल मत जाना कि हमें इस दिन ज़्यादा से ज़्यादा पौधा रोपण करना है और हिंदुस्तान को दुनिया का सबसे सुन्दर और प्रदूषण मुक्त देश बनाना है।
नोट: किसी भी जगह पर आपको लगता है कि प्रकृति को कोई नुक़सान पहुँचा रहा है, तो आप हमारे पेज पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिये हम कड़े से कड़े कदम उठायेंगे और क़ानूनी कार्यवाही करेंगे।
जय हिन्द, जय भारत 🙏 — अध्यक्ष: ईश्वर चन्द्र
Don't harm the environment for personal gain. Report the damage — with evidence — and the foundation will pursue it through the proper legal channels.
A journey to Anni in June 2024 that turned into a rescue, a confrontation with a forest fire, and a lesson in not waiting to be asked.
Ishwar Chander leads an environmental foundation and an IT company — proof that business acumen and social responsibility need not live apart.